डियर कन्फ्यूजन
क्या आप हमें अकेला छोड़ सकते है? हमे पता नहीं पर हो सकता है आप किसी मक़सद से आते होंगे या आपकी भी कोई अहम भूमिका होगी इस जीवन में, लेकिन हम तो अभी बस यही कहेंगे कि आप हमसे दूर हो जाइए.
इस जिंदगी के बड़े बड़े फैसले लेने के वक़्त आप आते थे ये तो समझ में आ रहा, की नौकरी करनी है या खुद का धंधा चालू करना है, शादी करने में अभी टाइम है पर फिर सगाई तक का द्वार खुला तो कम से कम खुला रखिए. ये सब है बड़ी बड़ी बाते और इन समय पर आपका आना हम लाज़मी समझते है.
लेकिन अब तो आप ऐसे वक्त भी हमारी आसपास पाई जाती है जहा पर आपकी बिल्कुल ही जरूरत नहीं. जैसे कि
१) बस से जाना है या ट्रेन से
२) रिक्शा कर ले या सिटी बस
३) शादी पर जाए की नहीं
४) सामने खड़े इंसान से बात करे कि उनको पहल करने दे
५) जिस काम के लिए दो दिन से बात चल रही हो, जिस के नज़दीक ही खड़े है वहा पर जाकर सिर्फ ऐसे ही वापस चले आते है सब अधूरा छोड़कर.
६) किसी को कॉल करने में भी ५ बार सोचना.
ये सारी जगह पर आपकी कोई जरूरत नहीं लेकिन अब तो ऐसी आदत सी हो गई है कि हर बात पर कन्फ्यूजन रहता है.
लोग तो ठीक अब घरवाले भी शंका की नजर से देखते है कि जनाब का दिमाग तो ठिकाने पर है ना. अब आप ही बताइए, है जरूरत इनमें से किसी भी जगह आपकी?
अच्छे भले इंसान को विश्व कन्फ्यूजन केंद्र बनाकर रख दिया है. निर्णय करने की क्षमता है छीन ली है.
हो सकता है आप हमें अपना बेस्ट फ्रेंड फोरेवर समझ रहे हो पर ये दोस्ती अब तोड़नी पड़ेगी, आपके हर बात पर बी बुलाए आ जाना अब हमे अच्छा नहीं लग रहा.
बॉलीवुड फिल्म में कहते है की पुलिस से ना ही दुश्मनी अच्छी ना ही दोस्ती, और ये आप पर भी लागू किया जा सकता है. आपको अब तक इतने मान सम्मान से बुला रहे है तो इतना तो ज़रूर करिएगा, थोड़ी दूरी बनाए रखिए और दूर से ही हाय हेल्लो कर दीजियेगा.
आज तक सोच समझकर लिए हुए सारे फैसले गलत लग रहे, फिर भी लोग कहते है कुछ भी करने से पहले सो बार सोच लो, अब उन्हें कौन बताए कि, आजकल तो जट मंगनी पट ब्याह वाला जमाना है, अगर ज्यादा सोचा तो दुल्हन तो बनेगी पर दूल्हा कोई ओर होगा.
यहां लिखने में भी कुछ ज्यादा ही सोच रहे शायद. चलिए मिलते है( दूर से). इस बार कोई चार लाइन नहीं आपके लिए.
आपका कन्फ्यूज्ड इंजीनियर
उत्तम दूधरेजिया
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